प्रेमिका से परेशान प्रेमी ने सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट पोस्ट किया, फिर खुद को गोली मारकर जान दी

रतलाम. प्रेम संबंध में अनबन के बाद एक युवक ने तिरुपति नगर (त्रिलोक नगर) में दोस्त के कमरे पर जाकर खुद को सीने में गोली मार ली। मरने से पहले युवक नरेंद्र सिंह माहोर (22) निवासी लुनेरा ने सुबह 11.48 बजे वॉट्सएप और फेसबुक पर सुसाइड नोट वायरल किया। इसमें युवक ने प्रेमिका से परेशानी का जिक्र किया। मैसेज मिलने के बाद दोस्त कमरे पर पहुंचे तो युवक की लाश मिली। 2 दिन पहले ही नरेंद्र ने दोस्त केशव को फोन का पिन नंबर वॉट्सएप पर शेयर किया था। सुसाइड नोट में नरेंद्र ने अपना फोन दोस्त को सौंपने को कहा है।


इधर, परिजन ने नरेंद्र की हत्या का अंदेशा जताया और जांच की मांग की। परिवार का आरोप है कि नरेंद्र की चचेरी बहन की भी 3 साल पहले इंदौर में हत्या की गई थी। घटना में 22 वर्षीय नरेंद्रसिंह माहोर (22) निवासी लुनेरा की मौत हुई है। जिला अस्पताल में पीएम बाद शव परिजन को सौंप दिया है। अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा।



अभाविप का विकासखंड संयोजक था नरेंद्र


दोस्त केशव ने बताया वह और गजेंद्र सिंह प्रथम वर्ष से नरेंद्र सिंह के साथ पढ़ाई करते थे। नरेंद्र के पिता अरविंद सिंह शासकीय स्कूल में शिक्षक हैं। उनका पैतृक निवास मुरैना है। रतलाम में नयागांव और लुनेरा में दो मकान हैं। रतलाम कॉलेज से एमए (इकोनाॅमिक्स) के बाद नरेंद्र इंदौर में पीएससी की तैयारी कर रहा था। 10 दिन से रतलाम में था। कॉलेज में वह विद्यार्थी परिषद का विकासखंड संयोजक भी रहा था। छोटा भाई सौरभ 12वीं में पढ़ रहा है। वह नयागांव के मकान में रहता है।
 


गोली की आवाज सुनी तो पुलिस को खबर दी
केशव ने बताया तिरुपति नगर में जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स ज्ञानवति शर्मा के मकान में किराए के कमरे में गजेंद्र सिंह और राजवेंद्र सिंह धाकड़ रहते हैं। गोली चलने की आवाज सुनकर मोहल्ले से किसी ने 100 नंबर पर घटना की जानकारी दी। डायल-100 और आईए थाना प्रभारी दीपक मंडलोई भी पुलिसकर्मियों के साथ आ गए थे। दरवाजा अंदर से बंद था। धक्का देकर दरवाजा खोला। सोफे पर नरेंद्र की लाश मिली।


8 दिन पहले हुआ था झगड़ा, चचेरी बहन की भी 3 साल पहले हो चुकी हत्या
नरेंद्र के ताऊजी आर्येन्द्र कुमार वैदिक ने आरोप लगाया कि मेरे भतीजे नरेंद्र की हत्या हुई है और उसके मोबाइल से किसी ने सुसाइड नोट वायरल किया है। सुसाइड नोट में वह अपना नाम गलत कैसे लिख सकता है। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले 18 मार्च 2017 को मेरी बेटी वंदना वैदिक की इंदौर में हत्या हुई थी। पुलिस ने तब भी इसे सुसाइड केस माना था। मैंने पुलिस व कोर्ट के सामने पंद्रह महीने संघर्ष कर इसे हत्या का मामला साबित किया और अंतत: दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। अब मामला इंदौर सेशन कोर्ट में है और 13 फरवरी को अगली सुनवाई है। हमारा झाबुआ जिले के अन्तरवेलिया में स्वामी श्रद्धानंद निराश्रित बाल आश्रम के नाम से एनजीओ है और कुछ लोग इसे हड़पना चाहते हैं। मैं एसपी से मिलकर हत्या के कोण से जांच करवाने की मांग करूंगा। 16 जनवरी को नरेंद्र का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था और मुझे हत्या का अंदेशा है।


कॉल डिटेल्स से मिल सकता है हत्या का सुराग
बुआ विमला के बेटे इंद्रजीत ने नरेंद्रसिंह की हत्या की शंका जताई। उन्होंने बताया लड़की के परिजन को प्रेम संबंध की जानकारी थी। हो सकता है उन्होंने किसी से हत्या करवा दी हो। नरेंद्रसिंह के मोबाइल की काॅल डिटेल्स से सुराग मिल सकता है।


नरेंद्र सिंह ने फेसबुक पोस्ट पर यह लिखा
पोस्ट ऑफिस की कर्मचारी युवती से सन 2018 में फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। घर का पता उसने ही दिया। प्यार करती थी। साथ में घूमने जाते थे। मेरे पास गाड़ी नहीं रहती तो खुद अपनी एक्टिवा ले आती। ठीक 6.30 बजे अपने घर की छत पर आ जाती थी। मैं वहां दूध डेयरी पर खड़ा रहता था। उसके भाई को पता चल गया। भाई को बोलने लगी एक लड़का परेशान करता है। वो मुझे विवेक बोलती पर अब उसे घर वालों का बहुत ध्यान आने लग गया उसने प्यार करने से पहले कुछ नहींं सोचा। रोज-रोज नाटक करती और लड़ती थी मुझे बहुत परेशान कर रही। मैं बहुत सीरियस हूं, इतनी पलट गई और झूठ बोलने लगी कि मुझे जानती ही नहीं। मैंने उसे समझाया। बताया सीरियस हूं परंतु वह मजाक समझ रही थी। मैं उसकी वजह से परेशान हूं। मैं उसके भाई की हत्या करना चाहता था। बताना चाहता था उसकी मां को कि बेटा खोने का दर्द क्या होता है। जो मेरी मां महसूस करेगी वो उसकी मां को भी हो। गलती की सजा उसके भाई को क्यूं मिले बस यह सोचकर छोड़ दिया।


मेरे किसी दोस्त को परेशान नहीं किया जाए। मेरा मोबाइल केशव को दिया जाए। मेरे दोस्त और घरवालों को परेशान ना किया जाए। मैं अब जा रहा हूं। मां-पापा मुझे माफ कर देना।



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